Bed BSTC Vivad सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक लेवल से B.ed को किया बहार

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सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से चल रहे B.Ed BSTC Vivad को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में B.ed को प्राथमिक लेवल से बाहर कर दिया है यह मामला बहुत लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था आज सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए B.Ed के अभ्यर्थियों को प्राथमिक लेवल से बाहर कर दिया गया है पूरी जानकारी हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से देंगे क्या है पूरा मामला और किस प्रकार से B.Ed को बीएसटीसी विवाद में प्राथमिक लेवल से बाहर किया है।

B.ED -BSTC रीट भर्ती विवाद प्रकरण

केंद्र को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, राजस्थान सरकार के नोटिफिकेशन को सुप्रीम कोर्ट ने माना, B.Ed डिग्री धारी को कक्षा 1 से 5 तक के लिए पात्र मानने वाले नोटिफिकेशन को किया रद्द, जस्टिस संजय किशन कौल के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने सुनाया निर्णय, प्रकरण में राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ.मनीष सिंघवी ने रखा था सरकार का पक्ष रखा था इस फैसले में B.Ed के अभ्यर्थियों को लेवल प्रथम में शामिल करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया गया है अब लेवल प्रथम में केवल बीटीसी(BSTC) के अभ्यर्थी ही बैठ सकेंगे।

B.Ed बीएसटीसी विवाद का फैसला आया

बीएड और बीएसटीसी विवाद को लेकर के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबरें सुप्रीम कोर्ट ने आज बीएड और बीएसटीसी विवाद को लेकर चल रहे इस मामले की सुनवाई हुई इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एनसीटी की 2018 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है साथ ही बेड को प्राथमिक शिक्षा से बाहर कर दिया है अब बेड के अभ्यर्थी पहले से पांचवी तक की कक्षाओं में अध्यापक नहीं बन सकेंगे कक्षा 1 से 5 तक बीएसटीसी या डीएलएड के अभ्यर्थी ही अब पात्र होंगे राजस्थान हाई कोर्ट ने B.Ed के अभ्यर्थियों को पहले ही बाहर कर रखा था उसको सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को सहित ठहराते हुए बीएड के अभ्यर्थियों को प्राथमिक लेवल से बाहर कर दिया है।

BEd vs BTC : बीएड और बीटीसी (B.Ed BTC) करने वाले तमाम उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी और कहीं ना कहीं एक बुरी खबर आ रही है। भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई एक याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्णय दिया है और इस निर्णय को लेकर हम नीचे आपको सभी महत्वपूर्ण बातें बता रहे हैं। यह निर्णय बीएड (B.Ed) करने वाले और बीटीसी (BTC) करने वाले उम्मीदवारों के लिए है जो शिक्षक बनने की राह पर चल रहे थे।आइए आपको बताते हैं पूरी अपडेट और क्या लिया गया है सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्णय…

दरअसल बीएड (B.Ed) बनाम बीटीसी डीएलएड (BTC/DElEd) केस में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के पुराने फैसले को सही करार दिया है और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य करार दिया है। इस निर्णय के आने से एक बड़ा भूचाल कहीं ना कहीं बीएड (B.Ed)करने वाले के साथ आ गया है और अब इस मुद्दे पर एक बड़ी बहस भी छेड़ रही है जो कहीं ना कहीं इस निर्णय को लेकर कुछ सही बातें और कुछ गलत बातें बताने की ओर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंततः यह निर्णय लिया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था कि बीएड करने वाले उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षकों की दावेदारी से बाहर रहेंगे उसी को अब सुप्रीम कोर्ट ने भी भारत सरकार द्वारा दाखिल की गई याचिका की सुनवाई में जारी रखा है और राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को कहीं ना कहीं तवज्जो दी है।

आपकी जानकारी के लिए बताते हैं कि बीएड (B.Ed) करने वाले सभी उम्मीदवार अब प्राथमिक विद्यालयों (Primary School)  में शिक्षक बनने की दावेदारी से बाहर हो गए हैं और वह प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे फिलहाल के लिए आगे आने वाली सभी भारतीयों के लिए यह निर्णय मान्य होगा। फिलहाल के लिए आगे जो भी अपडेट होगी हम आपको सबसे पहले देने का काम करेंगे लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा बीएड और बीटीसी कैंडिडेट के लिए यह बड़ा निर्णय कहीं ना कहीं एक दूरगामी परिणाम के रूप में सामने आ सकता है। यहां साफ-साफ कहने का मतलब यह है कि बीएड करने वाले कैंडिडेट अब प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक नहीं बन पाएंगे और केवल बीटीसी करने वाले उम्मीदवार की प्राइमरी स्कूलों में प्राणी प्राथमिक विद्यालयों में अब शिक्षण कार्य कर पाएंगे।

NCTE का नोटिफिकेशन, जिससे शुरू हुआ विवाद –

NCTE ने साल 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी कर B.Ed. डिग्रीधारकों को भी REET लेवल प्रथम के लिए योग्य माना था। NCTE ने यह भी कहा था कि अगर B.Ed. डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा। NCTE के इस नोटिफिकेशन को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। B.Ed. डिग्रीधारियों ने भी खुद को REET लेवल प्रथम में शामिल करने को लेकर याचिका लगाई। इस पर फैसला नहीं हो पाया। राजस्थान सरकार ने REET 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया, तो उसमें B.Ed. डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को इस शर्त के साथ परीक्षा में बैठने दिया कि आखिरी फैसला हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगा।

B.Ed. डिग्रीधारी हुए लेवल-1 से बाहर –

26 सितंबर को REET का आयोजन हुआ। इसमें लेवल-1 में लगभग 9 लाख B.Ed. योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हुए। इसको लेकर BSTC अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई की गई। हाईकोर्ट के जज अकील कुरैशी और सुदेश बंसल की खंडपीठ ने NCTE के नोटिफिकेशन को अव्यवहारिक बताते हुए BSTC अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों परीक्षा देने वाले करीब 9 लाख अभ्यर्थी लेवल-1 के लिए अयोग्य ठहरा दिए गए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले से ना केवल राजस्थान बल्कि देशभर के बीएसटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली। वहीं B.Ed. अभ्यर्थियों को झटका लगा था।

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