भारत की भौगोलिक अवस्थिति भारत की स्थिति एवं विस्तार भारत के बारे में सामान्य जानकारी

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भारत की भौगोलिक स्थिति के बारे में आज हम बात करेंगे भारत की वर्तमान में भौगोलिक स्थिति क्या है तथा उनके पड़ोसी देश उन की स्थलीय सीमा जलीय सीमा पड़ोसी देशों के साथ लगने वाली भारत की कितनी सीमा है साथ ही साथ भारत की जो विस्तार है पूर्व से पश्चिम उत्तर दक्षिण भारत का अक्षांशीय विस्तार भारत का देशांतरीय विस्तार इसके अलावा भारत से कौन-कौन से देश हैं वह क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़े हैं कौन कौन से पर्वत भारत के साथ अन्य देशों के साथ सीमा बनाते हैं इसके अलावा भारत का राजनीतिक एवं प्रशासनिक विभाजन इसके अलावा भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश है कि अवस्थी किस प्रकार से है इन तमाम भारत की भौगोलिक अवस्थी और स्थिति के बारे में चर्चा करेंगे।

भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का विकास सिंधु घाटी सभ्यता से माना जाता है जो अपने विशाल साम्राज्य व्यापार सांस्कृतिक विकास व आर्थिक सफलताओं के लिए जानी जाती है इनका नाम आर्यव्रत उत्तर भारत में बसने वाले कार्यों के नाम पर किया गया है इन आर्यों के शक्तिशाली राजा भरत के नाम पर यह भारतवर्ष कहलाया।

वैदिक आर्यों का निवास स्थान सिंधु नदी घाटी में था कि रानियों ने इस नदी को हिंदू नदी तथा इस देश को हिंदुस्तान कहा यूनानी यों ने सिंधु नदी को इंडस तथा इस देश को इंडिया कहा।

भारत का अवस्थिति एवं विस्तार

एशिया महाद्वीप के दक्षिण मध्य भाग में स्थित भारत विविधताओं का देश है इसके चतुष्कोण के आकार और स्थिति में इसे विशिष्ट भौतिक विविधता प्रदान की है इस देश के उत्तर में ऊंचे हिमालय पर्वत मध्य में विशाल नदी द्रोणी या उत्तर पूर्वी और दक्षिणी भाग में वनाच्छादित पहाड़ियां तथा उत्तर पश्चिम भाग में रेतीले मरुस्थल का विस्तार है।

यह उत्तर में हिमालय पर्वत उत्तर-पश्चिम में हिंदूकुश व सुलेमान श्रेणियां उत्तर पूर्व में पूर्वांचल पहाड़ियां तथा दक्षिण में विशाल हिंद महासागर से सिम अंकित एक व्रत भौगोलिक इकाई है जिसे भारतीय उपमहाद्वीप कहा जाता है भारतीय उपमहाद्वीप के अंतर्गत भारत बांग्लादेश भूटान नेपाल मालदीव श्रीलंका और पाकिस्तान सहित कुल 7 देश आते हैं।

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत से बड़े देशों का क्रम

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत से बड़े देशों का क्रम इस प्रकार है सबसे बड़े देश की बात करें तो विश्व में सबसे बड़ा देश रूस कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका चीन ब्राजील ऑस्ट्रेलिया भारत भारत विश्व में क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवां सबसे बड़ा देश है क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व में दूसरा सबसे बड़ा देश कनाडा है क्षेत्रफल की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा देश शब्द राज्य अमेरिका है क्षेत्रफल की दृष्टि से चौथा बड़ा देश है चीन है क्षेत्रफल की दृष्टि से पांचवा विश्व में सबसे बड़ा देश है ब्राजील है क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व में छठा सबसे बड़ा देश ऑस्ट्रेलिया है क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवां सबसे बड़ा देश भारत है जिसका क्षेत्रफल 3287263 वर्ग किलोमीटर है।

भारत का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार

भारत अक्षांशीय एवं देशांतरीय दृष्टि से क्रमशः उत्तरी गोलार्ध और पूर्वी गोलार्ध में स्थित है भारत की मुख्य भूमि दक्षिण से उत्तर 8 डिग्री 4 मिनट से 37 डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश एवं पश्चिम से पूर्व 68 डिग्री 7 मिनट से 97 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशांतर के मध्य विस्तृत है उत्तर – 8°4′ से 37°6′ उत्तरी अक्षांशों 68°7′ से 97°25′ पूर्वी देशांतरों के मध्य में स्थित हैं।

यदि हम भारत के द्वीप समूह को सम्मिलित करते हैं तब इसका दक्षिण में विस्तार 6 डिग्री 45 मिनट उत्तरी अक्षांश से शुरू होता है इस प्रकार संपूर्ण भारत का अक्षांशीय विस्तार 6 डिग्री 45 मिनट बंगाल की खाड़ी में अवस्थित है अंडमान निकोबार द्वीप समूह से 37 डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश के मध्य स्थित है भारत का उत्तरी बिंदु इंदिरा कॉल सेंटर डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश है जो लद्दाख में स्थित है भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु कन्याकुमारी या केप कोमोरिन अंतरीप 8 डिग्री 4 मिनट उत्तरी अक्षांश है जो तमिलनाडु राज्य मैं स्थित एक द्वीप है।

मुख्य भूभाग के दक्षिण पूर्व में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में तथा दक्षिण-पश्चिम में लक्षद्वीप समूह अरब सागर में स्थित है भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु इंदिरा पॉइंट है जो अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार द्वीप का दक्षिणी बिंदु 6 डिग्री 45 मिनट उत्तरी अक्षांश है यह वर्ष 2004 में सुनामी लहरों के कारण समुंदर में जलमग्न हो गया था इस बिंदु को पहले पिगमालियन पॉइंट या पार्सलपाइंट के नाम से भी जाना जाता था भूमध्य रेखा से इसकी दूरी 876 किलोमीटर है

  • भारत का दक्षिणतम बिन्दु – इन्दिरा प्वाइंट ( ग्रेट निकोबार द्वीप)
  • भारत का उत्तरतम बिंदु – इंदिरा कॉल (लद्दाख)
  • भारत का पश्चिमतम बिंदु – गौरमोता या गुहार मोती (गुजरात)
  • भारत का पूर्वोत्तम बिंदु – किबिथु ( अरुणाचल प्रदेश)
  • भारत का मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिन्दु – कन्याकुमारी 8°4′ उत्तरी अक्षांश (तमिलनाडु)

भारत का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार का प्रभाव

भारत का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार लगभग सम्मान 30 डिग्री है परंतु भूमि पर दोनों में वास्तविक दूरी सम्मान नहीं है क्योंकि दो देशांतर के बीच की दूरी दुर्गों की और कम हो जाती है जबकि दो अक्षांशों के बीच की दूरी लगभग सर्वत्र एक समान रहती है इसलिए भारत का पूर्व से पश्चिम का विस्तार उत्तर से दक्षिण के विस्तार की अपेक्षा कम प्रतीत होता है भारत की मुख्य भूमि का उत्तर से दक्षिण विस्तार पूर्व से पश्चिम के विस्तार से 281 किलोमीटर अधिक है इस प्रकार कहा जा सकता है कि भारत की मुख्य भूमि की आकृति चतुष्कोणीय है।

भारत के अक्षांशीय विस्तार का प्रभाव

कर्क रेखा या 23:30 डिग्री उत्तरी अक्षांश देश के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है कर्क रेखा देश के 8 राज्यों गुजरात राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ झारखंड की राजधानी रांची पश्चिम बंगाल त्रिपुरा एवं मिजोरम व पड़ोसी देश बांग्लादेश से होकर गुजरती है साडे 23 डिग्री उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांश के मध्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का विस्तार है कर्क रेखा साडे 23 डिग्री उत्तरी अक्षांश भारत को लगभग 2 बराबर भागों में उत्तरी भारत एवं दक्षिणी भारत में बढ़ती है जिसका दक्षिणी हिस्सा उष्ण कटिबंध और उत्तरी हिस्सा उपोषण कटिबंध या पोषण शीतोष्ण कटिबंध कहलाता है अतः भारत का विस्तार पोषण एवं उपोषण दोनों कटिबंध में है।

अधिक अक्षांशीय विस्तार का प्रभाव दिन और रात की अवधि पर भी पड़ता है केरल में सबसे छोटे एवं सबसे बड़े दिन में 45 मिनट का अंतर है जबकि लेह लद्दाख में यह अंतर 5 घंटे का है विषुवत रेखा से काफी दूरी पर स्थित भारत के उत्तरी भाग जम्मू-कश्मीर में सूर्य की किरणें अत्यंत तिरछी पड़ती है जिसके परिणाम स्वरूप यहां सूर्य तक कम मिलता है और शीत ऋतु में अत्यधिक ठंड पड़ती है इसके विपरीत भारत का दक्षिणी भाग केरल और तमिलनाडु राज्य विश्वत रेखा के काफी नजदीक है अतः यहां सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत लंबवत सीधी पड़ती है और सूर्य तप अधिक मिलता है।

भारत के देशांतरीय विस्तार का प्रभाव

साडे 82 डिग्री पूर्वी देशांतर प्रयागराज इलाहाबाद के निकट मिर्जापुर से होकर गुजरती है इस देशांतर रेखा याम्योत्तर को भारत की मानक देशांतर रेखा भी कहा जाता है यह भारत के 5 राज्य उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश से होकर गुजरती है मानक मध्यान रेखा चुनते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि यह देश के बीचो बीच से गुजरती हो तथा 7 डिग्री 30 मिनट का गुणांक हो ताकि 7 डिग्री 30 मिनट देशांतरीय दूरी पर स्थित स्थानों के बीच 30 मिनट का समय अंतर हो पृथ्वी 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है अतः 1 डिग्री देशांतर दूरी तय करने में पृथ्वी को 4 मिनट का समय लगता है।

भारतीय मानक समय साढे 82 डिग्री पूर्वी देशांतर ग्रीनविच मध्य समय या ग्रीनविच मीन टाइम या जीरो डिग्री देशांतर से साडे 5 घंटे 30 मिनट आगे है। भारतीय मानक समय के कारण ही भारत की घड़ियां सभी जगह एक ही समय बताती है जबकि पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में सूर्य उदय गुजरात के कच्छ की तुलना में लगभग 2 घंटे पहले होता है इस प्रकार भारत का पश्चिमी बिंदु गौर माता गुजरात और पूर्वी बिंदु किबिठू अरुणाचल प्रदेश के मध्य 30 डिग्री देशांतर का अंतर है अतः है इन दोनों स्थानों के बीच 30 डिग्री इनटू 4 मिनट कुल मिलाकर 120 मिनट का अंतर है 120 मिनट यानी 2 घंटे का अंतर कुछ ऐसे देश हैं जिनमें अधिक पूर्व पश्चिम विस्तार के कारण एक से अधिक मानक देशांतर रेखाएं हैं जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 समय कटिबंध क्षेत्र है।

भारत का जनांकिकीय एवं भौगोलिक आकार

वर्ष 2011 से अब तक भारत की जनसंख्या 121 करोड़ से अधिक हो चुकी है तथा यह चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है यह विश्व की कुल जनसंख्या का 17.5% निवास करता है क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां बड़ा देश है जिसका क्षेत्रफल 3287 263 वर्ग किलोमीटर है यह विश्व के स्थलीय धरातल का 2 पॉइंट 4 प्रतिशत भाग है उत्तर से दक्षिण तक इसकी वास्तविक दूरी 32 से 14 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम तक इसकी दूरी लगभग 2933 किलोमीटर है।

भारत की स्थल व तटीय सीमा रेखा

भारत की स्थल सीमा रेखा अत्यंत विशाल है इस की स्थलीय सीमा रेखा तटीय सीमा रेखा के लगभग दुगनी है भारत की स्थलीय सीमा रेखा की कुल लंबाई लगभग 15200 किलोमीटर है भारत की मुख्य भूमि की तटीय लंबाई लगभग 6100 किलोमीटर है भारतीय द्वीप अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप समूह के साथ की तटीय सीमा रेखा सम्मिलित करने पर समंदर यह तटीय रेखा की कुल लंबाई 7516.6 किलोमीटर हो जाती है इसकी सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य गुजरात वह सबसे छोटी तटरेखा वाला राज्य गोवा है।

भारत का प्रायद्वीपीय भाग हिंद महासागर की ओर उभरा हुआ है जो हिंद महासागर को दो भागों में बैठता है पूर्वी भाग को बंगाल की खाड़ी एवं पश्चिमी भाग को अरब सागर कहा जाता है यह स्थल का वह भाग है जो तीनों ओर से जल से घिरा होता है प्रायद्वीप कहलाता है भारत प्रायद्वीपीय आकार के कारण पूर्व में बंगाल की खाड़ी पश्चिम में अरब सागर तथा दक्षिण में हिंद महासागर से घिरा है इस प्रकार यह तीन और समुंदर से गिरा है इसी ही प्रायद्वीपीय आकार के कारण भारत की तटीय सीमा इतनी लंबी है जिसकी अवस्थी हिंद महासागर के मध्य में है भारत की उत्तरी पश्चिमी उत्तरी तथा उत्तरी पूर्वी सीमा नवीन वलित पर्वत हिमालय के ऊंचे ऊंचे पर्वत शिखरों से घिरी हुई हैं।

इसके दक्षिण का भूभाग उत्तर में चौड़ा है और 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश से दक्षिणी हिंद महासागर की ओर क्रमशः पतला होता गया है सबसे अंतिम छोर पर भारत की मुख्य भूमि के अंतरीप का रूप ले लिया है इसे कुमारी अंतरीप या कन्याकुमारी कहते हैं जो हिंद महासागर की ओर संकरा होता गया है अंतरी समुंदर की और मुख्य स्थल का भाग निकला हुआ संकराया पतला भाग जो तीन और समुंद्र से गिरा हो अंतरिप कहलाता है।

भारत का राजनीतिक एवं प्रशासनिक विभाजन

भारत की भौगोलिक अवस्थिति भारत की स्थिति एवं विस्तार
भारत का मानचित्र

प्रशासनिक क्रियाकलापों के लिए देश को 28 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया है नई दिल्ली भारत की राजधानी है स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत में राज्यों का गठन मुख्यतः भाषाओं के आधार पर हुआ है क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान एवं सबसे छोटा राज्य गोवा है क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख है तथा सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप है।

भारत की विश्व में स्थिति

भारतीय भूखंड एशिया महाद्वीप के पूर्व और पश्चिम के मध्य में स्थित हैं भारतीय भूभाग एशिया महाद्वीप का दक्षिणी विस्तार है हिंद महासागर पश्चिम में यूरोपीय देशों और पूर्वी एशियाई देशों को मिलाता है एवं भारत को केंद्रीय स्थिति प्रदान करता है विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसके नाम पर महासागर हिंद महासागर का नाम पड़ा है इसका प्रमुख कारण है कि हिंद महासागर में भारत जैसी महत्वपूर्ण अवश्य टी एशिया के किसी अन्य देश की नहीं है इस प्रकार यह दक्षिणी एशिया में भारत की महत्वपूर्ण स्थिति को दर्शाता है इसकी विशालता ने इसे उपमहाद्वीप की संज्ञा दी है

भारत अपनी प्रायद्वीपीय आकृति के कारण हिंद महासागर के शीर्ष पर स्थित है पश्चिमी तट से यूरोपीय देश दक्षिण पश्चिमी एशिया एवं अफ्रीका तथा पूर्वी तट से एशियाई देशों तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत को संबंध स्थापित करने में सुविधा होती है।

भारत के जल क्षेत्र

भारत की जलीय सीमा को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप 3 मंडलों में वर्गीकृत किया गया है

1. प्रादेशिक जल सीमा – यह तटरेखा से 12 नॉटिकल मील या समुद्री मील तक का क्षेत्र है भारत को इस क्षेत्र में सभी प्रकार के संसाधनों के दोहन का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।

2. संलग्न क्षेत्र – यह प्रदेशिक जल सीमा से लेकर अर्थात 12 नॉटिकल मील से 24 नॉटिकल मील के मध्य स्थित है अप्रवासी कानून सीमा शुल्क पर्यावरणीय स्वच्छता तथा राजकोषीय अधिकार से संबंधित कानून इस क्षेत्र में लागू होता है।

3. अनन्य आर्थिक क्षेत्र – यह 24 नॉटिकल मील से 200 नॉटिकल मील के मध्य कुल 176 नॉटिकल मील की चौड़ाई में स्थित है इस क्षेत्र के अंतर्गत भारत को सागरीय जल शक्ति सागरीय संसाधनों व जीवो का सर्वेक्षण विदोहन संरक्षण और अनुसंधान की शक्ति एवं खनिज संपदा के दोहन का अधिकार प्राप्त है।

भारत की जलीय सीमा

1. भारत एवं श्री लंका – भारत एवं श्रीलंका के मध्य सीमा बनाने वाले स्थानों का उत्तर से दक्षिण की ओर क्रमशः निम्न प्रकार से है पाक की खाड़ी पवन विप जिसको रामेश्वरम कहते हैं आदम ब्रिज या आदमपुर के नाम से जाना जाता है एवं मन्नार की खाड़ी।

2. भारत एवं इण्डोनेशिया – भारत और इंडोनेशिया के मध्य ग्रेट निकोबार और इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के मध्य स्थित ग्रेट या महान चैनल इसके मध्य जलीय सीमा बनाते हैं।

3. भारत एवं म्यांमार – भारत और म्यांमार के बीच म्यानमार के कोको द्वीप समूह एवं भारत के उत्तरी अंडमान द्वीप के मध्य कोको चैनल जलीय सीमा बनाता है।

4. भारत एवं मालदीव – भारत के मिनिकॉय द्वीप एवं मालदीप के मध्य 8 डिग्री चैनल जलीय सीमा बनाता है।

भारत और भारत के पड़ोसी देश

भारत दक्षिणी एशिया में क्षेत्रफल एवं जनसंख्या दोनों की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है इसकी सीमाओं से लगे हुए कुल 7 पड़ोसी देश है बांग्लादेश चीन पाकिस्तान नेपाल म्यानमार भूटान अफगानिस्तान दक्षिणी एशिया में भारत का महत्वपूर्ण स्थान है तथा भारत सार्क देशों के समूह का सदस्य है सारिक के सदस्य देशों में भारत-पाकिस्तान बांग्लादेश श्रीलंका नेपाल भूटान मालदीव अफगानिस्तान कुल 8 देशों का समूह है।

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